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*शिवराज जी,इंदौर में जनप्रतिनिधियों ,(विपक्ष)से चर्चा करने गए अधिकारियों को ईर्ष्यावश हटाकर आपने अपनी ओछी सोच का इज़हार कर दिया है,- के के मिश्रा
June 14, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

आप किस घटिया स्तर तक जा सकते हैं,यह संदेश सामने आ गया है! गद्दारों को खरीद कर जबरिया मुख्यमंत्री बने व्यक्ति से यही उम्मीद की जा सकती है,इन अफसरों सिविल सेवा के प्रतिकूल आचरण किया है,तो अपना इस तरह विसर्जन (जो हो भी गया था) करवाना भी क्या शासकीय दायित्वों का सम्मान है?* *राजनैतिक दबाववश लिया गया यह स्तरहीन निर्णय लेने के पूर्व आपने जरा यह सोच लिया होता कि आपके निकम्मेपन,बुज़दिली के कारण असफलताओं का स्मारक बन चुकी प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर जिसमें आधिकारिक तौर पर आज तक 4063 पाजेटिव संक्रमित व 170 मौतें हो चुकी हैं इस कोरोना कहर के दौरान (जब आप खुद भयभीत होकर वल्लभ भवन से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे,सिर्फ ज्ञान पेलने वाले "शाब्दिक विंध्याचल" बने हुए थे तब) इन दोनों ही अधिकारियों ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी जान की परवाह किये बगैर कोरोना यौद्धा की श्रेष्ठतम भूमिका निभाई है,जिसकी साक्षी आपके सपनों के शहर (!) की उत्कृष्ठ जनता है,उन्हें हटाकर आपने अपना/इनका कौन सा मान बढ़ाया है? यह एक अक्षम्य अपराध है!! लिहाजा,इतना ध्यान रखिएगा जो सिर्फ कुछ दिनों तक जबरिया और अस्थायी सत्ता के दम्भ में जो कुछ भी परोस रहे है,वह आने वाले दिनों में आपके लिए ज़हर ही साबित होगा।* *सादर* *के.के.मिश्रा*