ALL देश / विदेश सम्पादकीय लेख /आलेख अध्यात्म मध्यप्रदेश राजधानी - भोपाल खेल / विज्ञानं एवं टेक्नोलॉजी मनोरंजन / व्यापार रोजगार के पल शाषकीया विज्ञापन रोजगार के पल क्लासिफाइड विज्ञापन
अब चीन की सरकार विदेशी डिजाइन की नक़ल की जगह देशी डिजाइन वाले इमारतों को बनाने पर जोर देने जा रही है.
May 11, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • देश / विदेश

इंग्लिश टाउन हो या अल्पाइन गांव या फिर एफिल टावर चीन में चारों तरफ़ इनके जैसे दिखते विदेशी इमारतों की नक़ल देखी जा सकती है. लेकिन अब चीन की सरकार विदेशी डिजाइन की नक़ल की जगह देशी डिजाइन वाले इमारतों को बनाने पर जोर देने जा रही है. सरकार के एक बयान में कहा गया है कि सार्वजनिक इमारतों के निर्माण में अब नक़ल नहीं उतारे जाएंगे. बयान में कहा गया है, "इमारतें शहर की नई संस्कृति को दिखाने वाली होंगी और बड़े और विशालकाय डिजाइन वाली इमारतों को सीमित किया जाना चाहिए." सरकार ने यह नहीं कहा है कि जो मौजूदा विदेशी इमारतों की नक़ल में बनाई गई इमारतें हैं, उनका क्या होगा लेकिन यह ज़रूर कहा है कि इसके मद्देनज़र शहरों का निरीक्षण किया जाएगा. 27 अप्रैल को यह बयान जारी किया गया है लेकिन इसकी रिपोर्टिंग इस हफ्ते की गई है.

एक का कहना है, "आम तौर पर अगर आप कोई मशहूर विदेशी इमारत या स्थापत्य कला देखना चाहते हैं. तो आपको विदेश की यात्रा करनी होती है. लेकिन अगर हम उसे यहाँ चीन में ही स्थापित कर देते हैं तो फिर लोगों के पैसे भी बच सकते हैं और वो विदेशी स्थापत्य का आनंद भी ले सकते हैं." चीन अकेला ऐसा देश नहीं है जो दूसरे देश की इमारतों या स्थापत्य की डिजाइन का नक़ल करता है बल्कि दूसरे और भी देश हैं जो ऐसा करते हैं. अमरीका के लास वेगास में एफिल टावर की नक़ल की गई है. लास वेगास में ही वेनेटीअन कैनाल की भी नक़ल की गई है. थाईलैंड ने भी इस तरह के प्रयोग किए हैं. वहाँ इतालवी डिजाइन के गांव की नक़ल की गई है और घरेलू पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए इंग्लिश गांव बनाए गए हैं.