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ब्रेकिंग न्यूज दैनिक रोजगार के पल के काफी प्रयासों के बाद भी मुख्यमंत्री, म. प्र. शासन, सांसद, विधायक और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण उड़ीसा में फंसे म.प्र. से बैतूल जिले के चोपना पुनर्वास क्षेत्र के मजदुरों का टुटा धैर्य 15 में से 11 मजदुर भाग कर आ गये अपने घर - भोपाल से दिनेश साहू की खबर
May 13, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

दैनिक रोजगार के पल के प्रधान संपादक दिनेश साहू के समझाईस पर वे मजदुर अभी तक उड़ीसा में रूके हैं और इंतजार कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार हमें वापस लेकर जायेगी लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब ? कहीं ऐसा न हो कि इन चारों मजदुरों का भी धैर्य जवाब दे दे और ये चारों मजदुर भी अन्य मजदुरों की तरह अपनी जान को जोखिम में डालकर वहां से भाग निकले ऐसी स्थिति में ये मजदुर अपने घर तक सही सलामत पहुंच गये तो तो ठीक है और अगर इन्हें रास्ते में कुछ हो गया तो उसकी जवाबदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक या फिर जिला प्रशासन ?

भोपाल : मुख्यमंत्री, म.प्र. शासन, सांसद, विधायक और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण उहीसा में फंसे म.प्र. से बैतूल जिले के चोपना पुनर्वास क्षेत्र के मजदुरों का टुटा धैर्य 15 में से 11 मजदुर भाग कर आ गये अपने घर। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2020 में कंपनी के सटडाउन के अंतर्गत बैतूल जिले के चोपना पुनर्वास क्षेत्र के 15 मजदुर उड़ीसा मजदुरी करने गये थे जिसमें से 11 मजदुर संबलपुर जिले के आदित्य बिड़ला ग्रुप कंपनी में और 4 मजदुर झारसुगड़ा जिले के वेदांता कंपनी में मजदूरी कर रहे थे कार्य के दौरान ही 22 मार्च से पुरे भारत में लॉकहॉउन लागु हो गया और पुरे 1 5 मजदुर उड़ीसा में ही फंस गये। __लगभग 28 अप्रैल 2020 से म.प्र. शासन ने पहले बसों के द्वारा और बाद में ट्रेन के माध्यम से म.प. के बाहर दुसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को अपने घर लाना प्रारंभ किया 30 अप्रैल 2020 को दैनिक रोजगार के पल समाचार के प्रधान संपादक श्री दिनेश साहू जी ने माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शासन, मान. श्री वी किरण गोपाल - प्रभारी उड़ीसा,मान. श्री नरोत्तम मिश्रा जी गृह मंत्री म.प्र. शासन,मान श्री दुर्गादास उइके जी सांसद बैतूल - हरदा संसदीय क्षेत्र,मान. ब्रम्हा भलावी जी विधायक - घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र जिला बैतूल, मान. कलेक्टर महोदय बैतूल, श्री सुरेन्द्र कुमार उड़ाव, जिला आबकारी अधिकारी बैतूल - प्रभारी उड़ीसा राज्य, मान. एस.डी.एम. महोदया शाहपुर जिला बैतूल, मान, तहसीलदार महोदया घोडाडोंगरी तहसील को पत्र लिखकर उडीसा में फंसे मजदरों को वापस लाने की मांग की और साथ ही क्षेत्रीय विधायक से फोन पर चर्चा की कर मजदुरों से वापस लाने की बात की उन्होंने आश्वासन दिया की जल्द ही संबंधित अधिकारी से बात कर मजदुरों को वापास लाने के लिये उचित कार्यवाही की जायेगी इस संबंध में क्षेत्रीय सांसद मान. श्री दुर्गादास उइके जी को भी फोन लगाया गया परंतु उन्होने फोन रिसिव नहीं किया,फिर उनके निवास पर फोन लगाया गया तो वहां से जवाब मिला की पी.ए. से संपर्क करें जब सांसद पुत्र को फोन लगाया गया तो पहले तो उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया फिर दुसरे दिन स्वयं उनका फोन आया और उन्होंने भी पीए से ही संपर्क करने को कहा जब सांसद के पीए को बार बार फोन लगाया गया तो उन्होने फोन ही रिसीव नहीं किया

-इसके बावजुद भी श्री दिनेश साहू जी ने लगातार समाचार पोर्टल पर प्रकाशित करते रहे ताकि उड़िसा में फंसे मजदुरों को वापस लाने हेतु मुख्यमंत्री, म.प्र. शासन, सांसद, विधायक और जिला प्रशासन कार्यवाही कर मजदुरों को वापस लाये लेकिन लगातार प्रयास करने के बावजुद भी मजदुरों को वापस लाने के लिये कहीं से कोई भी कार्यवी नहीं कि गयी दुसरी तरफ वहां फंसे मजदुरों का धैर्य टुटने लगा और 1 5 में से 11 मजदुर मौका देखकर अपनी जान को जोखिम में डालकर किसी तरह रात में वहां से भाग गये और प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 मजदुर आज से लगभग 3 चार दिन पहले अपने घर वापस आ गये।

 परंतु आज भी वहां 4 मजदुर फंसे है और जब से ये 11 मजदुर भागे हैं तब से इन 4 मजदुरों का भी धैर्य जवाब देने लगा है और वो भी अपनी जान जोखिम में डालकर भागने की तैयारी में है प्रधान संपादक दिनेश साहू के समझाईस पर वे मजदुर अभी तक वहां रूके हैं और इंतजार कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार हमें वापस लेकर जायेगी लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब ? कहीं ऐसा न हो कि इन चारों मजदुरों का भी धैर्य जवाब दे दे और ये चारों मजदुर भी अन्य मजदुरों की तरह अपनी जान को जोखिम में डालकर वहां से भाग निकले ऐसी स्थिति में ये मजदुर अपने घर तक सही सलामत पहुंच गये तो तो टीक है और अगर इन्हें रास्ते में कुछ हो गया तो उसकी जवाबदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक या फिर जिला प्रशासन ?