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एमपी के छिंदवाड़ा में एक व्यक्ति पर डंडे बरसाने वाले दोनों पुलिसकर्मी लाइन हाज़िर, वीडियो हुआ था वायरल
May 24, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • देश / विदेश

 नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक बेहद दर्दनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो में पुलिस एक युवक की बेरहमी से पिटाई करती नज़र आ रही है. दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक वीडियो में नज़र आ रहे दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया गया है. छिंदवाडा के एडिशनल एसपी शशांक गर्ग ने दिप्रिंट से फ़ोन पर बातचीत में कहा, ‘वीडियो में नज़र आ रहे दोनों पुलिस वालों को लाइन हाज़िर कर दिया गया है. मामले की जांच की जा रही है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.’ उन्होंने ये भी बताया कि वीडियो तकरीबन 10 दिन पुराना है और जिस युवक की पिटाई की गई है उसके द्वारा उपद्रव किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी. इससे जुड़ा एक हैश टैग #MadhyaPradeshpolice भी ट्विटर पर चल रहा है जिसमें ख़ुद को डिजिटल एंड ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट बता रहे देवेश पांडेय के वीडियो वाले ट्वीट को काफ़ी सारे लोगों ने रीट्वीट किया है. अपने ट्वीट में देवेश ने लिखा है, ‘घटना : मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पिपला थाना क्षेत्र की. बाकी सब आपके सामने है.‘ खबर लिखे जाने तक देवेश के इस ट्वीट को 17.6 हज़ार रीट्वीट्स और 18.3 हज़ार लाइक्स मिल चुके हैं. मोबाइल से शूट की गई इस वीडियो में पुलिस वालों ने व्यक्ति को तब तक पीटा जब तक वो जमीन पर गिर नहीं गया. 1.1 मिलियन से अधिक व्यूज़ वाले इस वीडियो में पुलिस वाले व्यक्ति को काफी खराब तरीके से गाड़ी में लादते नज़र आ रहे हैं. शिवराज सरकार और उनकी पुलिस पर सवाल बॉलीवुड अदाकारा और सामाजिक कार्यकर्ता स्वरा भास्कर ने इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है कि इसे देखकर वो नि:शब्द हैं. पुलिस अपने काम के नाम पर जो करती है वो स्तब्ध कर देने वाला है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी मामले पर शिवराज सिंह चौहान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को ट्वीट करते हुए घेरा है. उन्होंने लिखा, ‘शिवराज जी कोरोना लॉकडाउन में क्या आपने मप्र पुलिस को गरीब मज़दूरों को इस बर्बरता से पीटने के अधिकार दे दिये हैं? इस प्रकार के पुलिसकर्मी को तो बर्खास्त करना चाहिए.‘ एमपी पुलिस अपने काम करने के तरीके को लेकर हालिया दिनों में दूसरी बार घिरी है. इसके पहले आई बर्बरता की एक ख़बर में भी राज्य की पुलिस की किरकिरी हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपक बुंदलेले नाम के एक वकील जब सूबे के बेतुल के ज़िला अस्पताल में अपना इलाज करवाने जा रहे थे तो पुलिस वालों ने उन्हें मुसलमान समझकर पीट दिया. 23 मार्च की पिटाई की घटना के बाद दो पुलिस वाले 17 मई को उनका बयान लेने पहुंचे. दीपक के पास मौजूद एक रिकॉर्डिंग में पुलिस वालों ने उनसे कथित तौर पर कहा कि जब कभी भी दंगा होता है तो पुलिस वाले हिंदुओं की साइड लेते हैं. ये मुसलमानों को भी पता है. दीपक को मुसलमान समझकर पीटने को पुलिस वालों ने अपनी गलती माना. 23 मार्च की पिटाई की घटना के बाद दो पुलिस वाले 17 मई को उनका बयान लेने पहुंचे. दीपक के पास मौजूद एक रिकॉर्डिंग में पुलिस वालों ने उनसे कथित तौर पर कहा कि जब कभी भी दंगा होता है तो पुलिस वाले हिंदुओं की साइड लेते हैं. ये मुसलमानों को भी पता है. दीपक को मुसलमान समझकर पीटने को पुलिस वालों ने अपनी गलती माना.