ALL देश / विदेश सम्पादकीय लेख /आलेख अध्यात्म मध्यप्रदेश राजधानी - भोपाल खेल / विज्ञानं एवं टेक्नोलॉजी मनोरंजन / व्यापार रोजगार के पल शाषकीया विज्ञापन रोजगार के पल क्लासिफाइड विज्ञापन
गरीबो को राहत राशि भी लोन के रूप मे दी जा रही है ? तारीख याद रहेगी । इतिहास गवाह है । मदद भी उधारी के रूप मे है चुकानी पड़ेगी । वाह रे सत्ता और शासन और गरीबो को दे रहे उधार राहत - गोविंद पटेल
June 6, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • राजधानी - भोपाल

आदिवासी समाज का इस्तेमाल किया जाता था पढा और सुन रखा था सिर्फ । अब यकीन भी हो गया है । कैसे हमारे समाज की विभिन्न जनजाति और इनकी धार्मिक आस्था और परम्परा को हमारे ही बीच के कुछ लोग उच्च वर्ग के प्रभावशाली सत्ता मे बैठे नेता के कहने पर हमारी समाज के लोग समाज के हितैषीओ पर संदेह कर फुट डालते हुए हमारे विशाल जन समूह की संस्कृति को हमारी कला को सिर्फ इस्तेमाल किया गया है । इसका उदाहरण हमारे सामने है अगर हम पिछले 15 वर्षो के घटनाक्रम को याद करेंगे तो सब कुछ स्पष्ट हो जायेगा । हम लोग भी अपने समाजिक और सर्व जनजाति के साथ अपने समाज के लिए भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवम् कला के साथ सामूहिक जमावट और विस्तार व्यवस्था मे लगे हुए थे । हम अपनी कला के माध्यम से आदिवासी समाज को जागरूकता अभियान प्राकृतिक से जुड़े कार्यक्रम जैसे वृक्षारोपण कर समाज को संगठित के कार्य किए जा रहे थे और हमारे पूर्वज महापुरुषो के बलिदान दिवस मना कर समाज मे जाग्रति के साथ अपने हक आधिकार और मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने मे जुटे हुए थे। लेकिन कुछ लोग जो समाज को अपने हाथ मे रख कर सिर्फ अपना और अपने परिवार का हित सोचते थे और लाभ कमाते थे, उनको यह सबका जागरूकता और संगठनात्मकता के तरफ लोगो का झुकाव देखा न गया और फूट के बीच पन्नपने लगे ये खुद कुछ न करके सत्ताधारी भाजपा के विधायक के साथ मिलकर समाज को गुमराह करने लगे बडे-बडे वादे और सपने दिखाऐ की हम सत्ता मे है तुम्हारी समाज के महापुरुष की मुर्ति बनवा कर स्थापित करवा देगे हमारे भाई प्रदेश के मुखिया है जैसा चाहेंगे हो जाएगा, यह सब उनकी चाल थी किसी तरह से समाज संगठित न हो पाए । मै सिर्फ समाज के उन लोगो को कहना चाहता हूँ जिन्होंने मौकापरस्त लोगो का साथ दिया है कि कब तक इस तरह गुलामी करते रहोगे और जिस समाज ने आपको रोटी और बेटी दी है उसी समाज का शोषण करवा कर अपना घर भरते रहोगे । जाग जाओ और अपनी पहचान बचा लो वर्ना आने वाले इतिहास मे निशाना भी हो तुम्हारा ।। [गरीबो को राहत राशि भी लोन के रूप मे दी जा रही है ? तारीख याद रहेगी । इतिहास गवाह है । मदद भी उधारी के रूप मे है चुकानी पड़ेगी । वाह रे सत्ता और शासन और गरीबो को दे रहे उधार राहत ।।