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हर साल 1000 करोड़ का घोटाला करता है राशन माफिया
September 9, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • राजधानी - भोपाल

बच्चों के स्कूल में 3 सितबर को भेजा गया जानवरों के खाने लायक अनाज मिलर्स के 10 साल के बिजली बिलों की हो जाच 

भोपाल,

मध्य प्रदेश काग्रेस कमेटी के मीणिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने चिता जाहिर करते हुए कहा है कि 22 अगस्त को केंद्र सरकार की जाच एजेंसियों द्वारा यह उजागर कर देने के बावजूद कि जहरीला जानवरों के खाने योग्य चावल राशन दुकानों से वितरित किया गया है। पूरी सरकार द्वारा नाटकीय सजगता दिखाकर छापे भी णले जा रहे हैं। इसके बावजूद छतरपुर जिले के नौगाव ब्लॉक में रगोली और मवइया प्राथमिक शाला में 3 सितबर को जानवरों के खाने योग्य अनाज वितरित किया गया। जो हरपालपुर भणर से भेजा गया था तथा शहणेल तथा बालाघाट से भेजा गया था।इसका अर्थ है कि पूरा प्रशासन दोषियों को पकड़ने की बजाय माल को खपाने के काम में लगा दिया गया है। गुप्ता ने कहा कि यह राशन माफिया का रैकेट हर साल लगभग 1000 करोड़ का घोटाला करता है और नीचे से लेकर ऊपर तक जलेबिया-शीरा पी जाती हैं। गुप्ता ने माम की है कि 2016 में बालाघाट से 70 रैक गायब होने के समाचार सुर्खियों से प्रकाशित हुए थे उसकी जाच करने पर सारे राज खुल जाएमे। उन्होंने यह भी माम की कि बालाघाट एव-गोंदिया वारासिवनी के मिलर्स के पिछले 10 साल के बिजली के बिल जाच के दायरे में लिये जाए जिससे पता लगे कि मिलर्स की फैक्ट्री में मिलिम हो भी रही थी या नही

गुप्ता ने कहा कि यह माफिया अनुमानतः पिछले 10 साल से काम कर रहा है इसमें एफसीआई के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं इसलिए उन्हें भी जाच के दायरे में लाया जाए। एफसीआई क्योंकि केंद्र सरकार का समठन है इसलिए जाच सीबीआई से कराना ही न्याय समत होगा गुप्ता ने माम की कि जिन अधिकारियों ने पूरे प्रदेश में छापामारी शुरू हो जाने के बावजूद स्कूली बच्चों को जानवरों के खाने योग्य अनाज सप्लाई किया है उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए।