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इसका किसी के पास जवाब है.......एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल का नाम भ्रष्टाचार के कारण बर्खास्त की गई आईएएस अफसर टीनू जोशी की मदद करने के रूप में भी सामने आया था,बाद में उन्हें ऐसे आरोप से क्लीन चिट मिल गई थी,ऐसा क्यों?
September 21, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

 *इस पद पर भर्ती के दौरान देर रात तक संभागायुक्त कार्यालय में उम्मीदवार प्रोफेसरों के साक्षात्कार लिए गए थे,आखिर में डॉ. ज्योति के नाम पर मुहर लगी?

30 सितंबर को रिटायर हो रहे वर्तमान डीन डॉ. शरद थोरा सहित इंदौर, ग्वालियर और भोपाल मेडिकल कॉलेज के 10 प्रोफेसरों ने आवेदन किया था। हालांकि ऐन मौके पर डॉ. थाेरा ने नाम वापस ले लिया और साक्षात्कार देने नहीं पहुंचे। ग्वालियर के गजराराजे मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति का नाम दावेदारों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था। रात करीब पौने 11 बजे उनका नाम फाइनल हुआ। इसके नेपथ्य में कौन राजनेता था और इस नियुक्ति के पीछे उनकी कौन सी ईमानदार मंशा छुपी हुई थी?* *प्रदेश में पहले सबसे सीनियर प्रोफेसर को ही डीन की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी। इस बार सीधी भर्ती के जरिए यह पद भरा गया,ऐसा क्यों? इससे नाराज होकर प्रदेश में दो सबसे वरिष्ठतम प्रोफेसरों ने आवेदन ही नहीं किया,ऐसा क्यों?* *इन अनियमितताओं के बीच डॉ. ज्योति बिंदल यह भी बताने की स्थिति में हैं कि कोविड-19 के दौरान करीब 20 करोड़ के उपकरण खरीदे जाने की चर्चा है,वास्तविक रूप में कितने खरीदे गए,कितने उपयोग में लाये जा रहे हैं,उन्हें संचालित करने वाले टेक्नीशियन कितने हैं और वे उपकरण आज किन स्थिति में कहां पर हैं?इसीतरह शव सुरक्षित रखने के लिए कितने,किस दर पर बॉडी कूलर क्रय किये गए,कितने उपयोग में लाये जा रहे हैं,शेष कहाँ हैं?