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कलेक्टर श्री राकेश सिंह ने कहा कि आपदाएं कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आतीं
May 21, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

(विरेंद्र झा)

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आगामी बरसात के सीजन में बाढ अथवा अतिवष्टि जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। जिला मुख्यालय पर स्थापित किए जाने वाला कंट्रोल रूम बैतूल - जिला मुख्यालय बैतूल में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित इस बैठक में कलेक्टर श्री राकेश सिंह ने कहा कि आपदाएं कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आतीं। आगामी बरसात के मौसम के दृष्टिगत अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के कार्य से जडे समस्त विभाग अभी से सजग रहें एवं आवश्यक पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करें। श्री सिंह बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्रद्धा जोशीए सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आगामी बरसात के सीजन में बाढ अथवा अतिवष्टि जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। जिला मुख्यालय पर स्थापित किए जाने वाला कंट्रोल रूम राउण्ड-द-क्लॉक क्रियाशील रहे।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्र पूर्व से ही चिन्हित कर वहां समस्त एहतियाती इंतजाम सुनिश्चित कर लिए जाएं। बाढ़ की स्थिति में लोगों को राहत पहुंचाने की रणनीति पूर्व से ही तैयार कर ली जाए। नगरीय क्षेत्रों में नदी-नालों की सफाई करवाकर यहां वर्षा के जल के सुगम निकासी की व्यवस्था की जाएए ताकि वर्षा के दौरान जल अवरोध की स्थिति न बने। निचली बसाहटों को भी चिन्हित कर वहां रहने वाले लोगों को बाढ़ अथवा अतिवृष्टि के दौरान राहत शिविरों की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में उन्होंने जिला होमगार्ड विभाग को राहत उपकरण दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मोटर बोट इत्यादि उपकरण स्थानीय थानों में रखवाई जाएए ताकि जरूरत पड़ने पर वे प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्रता से मुहैया कराई जा सके। उन्होंने सडक़ कार्य से जड़े विभागों से कहा कि बरसात के दौरान सडक़ों अथवा पुल-पुलियाओं पर दुर्घटनाएं न होए इस बात के दृष्टिगत आवश्यक संकेतक बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। जहां पुल-पुलियाओं पर रैलिंग नहीं हैए वहां रैलिंग लगाई जाए। जिन पुल-पुलियाओं पर बाढ़ का पानी ऊपर से निकलता है तथा दुर्घटना की आशंका रहती है वहां ड्रॉप गेट लगाए जाएं। बाढ़ की स्थिति में ग्राम पंचायत सचिवए पटवारी अथवा कोटवार आवश्यक रूप से इन पुल-पुलियाओं की निगरानी रखें तथा पंचायत सचिवए पटवारी अथवा कोटवार आवश्यक रूप से इन पुल-पुलियाओं की निगरानी रखें तथा ऐसे स्थानों पर वाहन एवं पैदल लोगों की आवाजाही न होने दें। 

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि बरसात अथवा अतिवृष्टि के दौरान जिले के समस्त जलाशयों/बांधों की निगरानी रखी जाए। यदि आपातकालीन परिस्थिति में निचली बस्तियां खाली कराना पड़ती है तो इसके भी समुचित इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी इंतजामों के अलावा स्थानीय लोगों को भी बाढ़ अथवा अतिवृष्टि से बचाव के संबंध में प्रशिक्षित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों के अच्छे तैराकों एवं गोताखोरों की जानकारी भी संकलित की जाएउन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे मौसम विभाग से प्राप्त होने वाली सूचनाओं से अपडेट रहें बैठक में खनिज अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी खदान इत्यादि से बने हुए गड्ढों में एकत्र हुए पानी में बच्चों के खेलने की स्थिति निर्मित न होऐसे गड्ढे जो दुर्घटना की दृष्टि से खतरनाक हो सकते हैंए वहां आवश्यक फैसिंग करवाई जाए एवं उन गड्ढों में जाने से लोगों को रोका जाए। स्कूल शिक्षा विभाग भी बच्चों को इस बात के लिए जागरूक करे कि वे बाढ़ अथवा गहरे पानी वाले 5 पनान कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ अथवा अतिवृष्टि की स्थिति में क्या उपाय अपनाना हैए इस बात के लिए भी अधिकारी सजग रहें। प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए एवं उनको हुए नुकसान के राहत प्रकरण भी 5 पनान कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ अथवा अतिवृष्टि की स्थिति में क्या उपाय अपनाना हैए इस बात के लिए भी अधिकारी सजग रहें। प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए एवं उनको हुए नुकसान के राहत प्रकरण भी तत्परता से तैयार किए जाएं। बैठक में आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इसके अलावा समय-समय पर मॉक-ड्रिल आयोजित करने तथा संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए