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कमलनाथ जी की छवि से भयभीत भाजपा मुद्दों से हटकर ओछी हरकतों पर आमादा - के.के.मिश्रा
June 27, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

चाइना के असली दलाल-गद्दार तो भाजपा में ही छुपे हैं! कांग्रेस भी देगी आक्रामक जवाब

ग्वालियर -मप्र कांग्रेस के मीडिया प्रभारी (ग्वालियर-चम्बल संभाग) के.के.मिश्रा ने आगामी 24 विधानसभा उपचुनावों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की प्रगति एवं विकास पुरुष की छवि से भयभीत भाजपा द्वारा रविवार को आयोजित विरोध प्रदर्शन को भयएकुंठाहताशा और चुनाव परिणामों के पूर्व ही अपनी पराजय को स्वीकार करने का द्योतक बताया है। मिश्रा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री वी.डी.शर्मा से जानना चाहा है कि यदि वे प्रदेश में स्वच्छएस्वस्थ्य राजनीति के पैरोकार व भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं तो कमलनाथ जी की बेदाग छवि पर प्रहार करने के पहले इस बात का भी जवाब दें कि गद्दारों को नीलामी में खरीद कर प्रदेश में एक निर्वाचित सरकार को गिराना क्या धर्म थाए खरीदफरोख्त में इस्तेमाल धन क्या सफेद थाएक्या उनकी पार्टी इस प्रदर्शन में करोडों रु. के येस बैंक घोटाले सहित उनके नए-नवेले नेता से जुड़े करीब 10 हज़ार करोड़ रु.के प्रामाणिक भूमि घोटाले की जांच को भी जांच की परिधि में शामिल करेगी

मिश्रा ने चाइना से कमलनाथ जी को दलाली खाने जैसे ओछे आरोप लगाने को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की हीन मानसिकता बताते हुए कहा कि विभिन्न मंत्रालयों से सम्बद्ध केंद्रीय मंत्री रहते हुए श्री नाथ ने मप्र सहित देश के सभी राज्योंए समूचे राष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर नवाज़ा हैएजिसकी तारीफों के कसीदे स्वयं भाजपा के ही प्रादेशिक/राष्ट्रीय नेताओं ने गढ़े हैं। क्या श्री शर्मा इस महत्वपूर्ण तथ्य पर भी कुछ कहेंगे कि 12 अक्टूबरए2019 को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति में दोनों देश के बीच ट्रेड डील हुई थीएजिसके अनुसार दोनों देश 55 बिलियन डॉलर का आयातनिर्यात करेंगे किन्तु इस ट्रेड डील का फायदा एक तरफा चीन को ही मिलाएउसने भारत में अपने उत्पाद का जो निर्यात किया उसकी तुलना में भारत से केवल 20 प्रतिशत वस्तुओं का आयात चाइना में किया गया।इस तरह इस ट्रेड डील से भारत को भारी क्षति हुईएचाइना ने अपने उत्पाद को इस डील से भारत के बाज़ार में बेचने में मोदी जी की कृपा से ही सफलता अर्जित की और मोदी सरकार ने ही चाइना के लिए अपना बाज़ार पूरी तरह से खोल दियाएपरिणाम स्वरूप चाइना के उत्पाद भारतीय बाज़ार में बेधड़क बिकने लगेए इसका दुष्परिणाम यह रहा कि कई भारतीय कंपनियाँ बन्द हो गई क्योंकि चीन से आने वाला उत्पाद भारत में बनने वाले उत्पाद से काफी सस्ता था मोदी सरकार ने इन वस्तुओं पर आयात शुल्क भी इतना कम रखा कि इसका पूरा लाभ भी चाइना को मिला।इसी तरह चीन में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं से भी भारतीय बाजार भरा पड़ा है।

भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नरेंद्र मोदी सरकार ने चीन में बने उत्पाद को आसानी से भारत का बाजार क्यों सौंपा तथा अन्य देशों की तुलना में चीन में निर्मित वस्तुओं पर आयात शुल्क कम क्यों रखा गया इसीतरह नोट बंदी के दौरान डिजिटल पेमेंट के नाम पर चीनी कंपनी पे-टी एम की लांचिंग खुद प्रधानमंत्री ने ही कीएक्या वह (ई) मानदार सौदा था:भारतीय रेल सेवाओं में भी चाइना की कंपनी से किया गया अनुबंध कितना पाकसाफ है यही नहीं ग्वालियर नगर निगम में भी कचरा प्रबंधन के लिए वर्ष 2017 में 258 करोड़ रु. की योजना का अनुबंध चाइना की इकोग्रीन कंपनी से प्रदेश सरकार ने किया यह सौदा भी ईमानदारी युक्त है स्पष्ट होना चाहिए। लिहाज़ाए भाजपा स्पष्ट करे कि चाइना के दलाल और गद्दार कौन हैं और कहां मौजूद है