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खुशहाल वो होते हैं,* *जिनके पास जो होता है,* *बस उसका सबसे अच्छे से इस्तेमाल करते हैं,* *एन्जॉय करते हैं और भरपूर जीवन जीते हैं*.
July 1, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • सम्पादकीय

(*by Rakesh shoundik - Rachi/ Jharkhand)

*एक पुराना ग्रुप स्कूल छोड़ने के बहुत दिनों बाद मिला।* *वे सभी अच्छे कैरियर के साथ खूब पैसे कमा रहे थे।* *वे अपने सबसे फेवरेट प्रोफेसर के घर जाकर मिले...* *प्रोफेसर साहब उनके काम के बारे में पूछने लगे।* *धीरे-धीरे बात लाइफ में बढ़ते " तनाव"और काम के "दबाव" पर आ गई ।* *इस मुद्दे पर सभी एक मत थे कि, भले ही वे अब आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हों,*

*पर उनकी जिंदगी में अब वो मजा नहीं रह गया, जो पहले हुआ करता था।* *प्रोफेसर साहब बड़े ध्यान से उनकी बातें सुन रहे थे...........* *फिर वे अचानक ही उठे और थोड़ी देर बाद किचन से लौटे और बोले :-* *"डीयर स्टूडेंट्स, मैं आपके लिए गरमा-गरम कॉफ़ी बना कर लाया हूंँ,* *लेकिन प्लीज आप सब किचन में जाकर अपने-अपने लिए कप्स लेते आइए....* *लड़के तेजी से रसोई में गए....* *वहांँ कई तरह के कप रखे हुए थे,* *सभी अपने लिए अच्छा से अच्छा कप उठाने में लग गए।* *किसी ने क्रिस्टल का शानदार कप उठाया तो किसी ने पोर्सिलेन का कप पसंद किया.....* *तो किसी ने शीशे का कप उठाया।* *सभी के हाथों में कॉफी आ गयी तो प्रोफ़ेसर साहब बोले:-* *अगर आपने ध्यान दिया हो तो, जो कप दिखने में अच्छे और मँहगे थे,* *आपने उन्हें ही चुना और साधारण दिखने वाले कप्स की तरफ ध्यान नहीं दिया....* *जहांँ एक तरफ अपने लिए सबसे अच्छे की चाह रखना ।* *एक आम बात है.....* *वहीं दूसरी तरफ ये हमारी जिंदगी में "समस्याएंँ"और "तनाव" लेकर आता है।* *दोस्तों, ये तो पक्का है कि कप,* *कॉफी की क्वालिटी में कोई बदलाव नहीं लाता....* *ये तो बस एक जरिया साधन है जिसके माध्यम से आप कॉफी पीते हैं....* *असल में जो आपको चाहिए था.....* *वो बस "कॉफ़ी" थी,* *"कप"नहीं....* *पर फिर भी आप सब सबसे अच्छे कप के पीछे ही गए .......* *और अपना लेने के बाद दूसरों के कप निहारने लगे। ।* *अब इस बात को ध्यान से समझिए...* *"ये " जिंदगी" कॉफ़ी की तरह है.....* *हमारी नौकरी, पैसा, पोजीशन, कप की तरह हैं।* *ये बस जिंदगी जीने के साधन मात्र हैं,* *खुद जिंदगी नहीं !* *और हमारे पास कौन सा कप है.....?* *ये ना हमारी जिंदगी को डिफाइन करता है* *और ना ही उसे बदलता है।* *इसीलिए "कॉफी" की चिंता करना चाहिए* *"कप" की नहीं ।* *दुनिया के सबसे खुशहाल* *लोग वे लोग नहीं होते ,* *जिनके पास सब कुछ* *सबसे बढ़िया होता है.....* *खुशहाल वो होते हैं,* *जिनके पास जो होता है,* *बस उसका सबसे अच्छे से इस्तेमाल करते हैं,* *एन्जॉय करते हैं और भरपूर जीवन जीते हैं*....