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लोगों के ना करने के कारण मैं कभी नहीं रुकूंगा"---------- नीचे लिखे कहानी से सीख मिलती है कि" ना" का मतलब हमेशा" ना "नहीं होता (राकेश शौण्डिक - राँची / झारखंड)
June 15, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • सम्पादकीय

"लोगों के ना करने के कारण मैं कभी नहीं रुकूंगा"---------- नीचे लिखे कहानी से सीख मिलती है कि" ना" का मतलब हमेशा" ना "नहीं होता --- एक दोपहर को राजू बाबू पुरानी मील में गेहूं साफ करने में अपने मामा की मदद कर रहे थे मामा के बड़े फार्म पर बहुत से मजदूर किसान रहा करते थे, जो फसल बटाई पर लेते थे, उसी समय धीमे से दरवाजा खुला और किराएदार की छोटी सी एक किसान की लड़की अंदर आई और दरवाजे से टिक्कर खड़ी हो गई! मामा ने उसकी तरफ देखा और चिल्लाकर पूछा ""तुम्हें क्या चाहिए ? ---- विनम्रता से बच्ची ने जवाब दिया ""मेरी मम्मी ने कहा है कि आप उन्हें ₹2000 भिजवा दें" "" मैं नहीं भेजूंगा" मामा ने जवाब दिया "अब तुम घर की तरफ दौड़ लगा दो" यस सर" बच्ची ने जवाब दिया l परंतु वह जरा भी नहीं हिली! मामा अपने काम में जुट गए और वे इतने व्यस्त थे कि उन्होंने इस तरफ ध्यान नहीं दिया कि बच्ची अभी गई नहीं है काफी देर बाद जब उन्होंने देखा कि वह अब भी वही खड़ी है तो वे फिर चिल्लाए ,मैंने तुमसे कहा था कि तुम घर चली जाओ! अब जाओ या फिर मैं तुम्हारी पिटाई कर दूं"---- छोटी बच्ची ने कहा "यस सर "परंतु वह जरा भी नहीं हिली! मामा ने उस गेहूं के बोरे को वहीं पटक दिया जिससे वे उठाकर प्रेशर में डालने वाले थे और एक डंडा उठाकर में बच्चे की तरफ आगे बढ़े उनके हाव-भाव से लग रहा था कि आज मैं बच्ची को सबक सिखा कर ही रहेंगे! राजू बाबू की सांसे थम गई उसे विश्वास था की मामा अब हमला करने ही वाले हैं वह जानते थे कि मामा का गुस्सा बहुत तेज था! जब मामा बच्ची के पास पहुंचे तो बच्ची एक कदम आगे बढ़ी वाह उनकी आंखों में आंखें डाल कर तेज आवाज में थी कि 'मेरी मम्मी को 2,000 चाहिए ही चाहिए' मामा रुक गए ,उन्होंने उसकी तरफ एक मिनट देखा ,फिर धीरे से डंडे को फर्श पर रख दिया अपनी जेब में हाथ डाला ₹2000 निकाला और बच्ची को दे दिया! ----- बच्ची ने पैसे ले लिए दरवाजे की तरफ पीछे की ओर बढ़ने लगी ,परंतु उसने अपनी आंखें उस आदमी पर से नहीं हटाई जिसे उसने अभी हराया था जब वह चली गई तो मामा एक बक्से पर बैठ गए और 10 मिनट तक खिड़की के बाहर जागते हुए कुछ सोचते रहे सुबह सोच रहे थे कि छोटी सी बच्ची की लगन ने उन्हें किस तरह हरा दिया था! यह राजू बाबू के द्वारा मुझे बताया गया कि किस तरह एक छोटी किसी किसान की लड़की ने एक फार्म हाउस के मालिक को ना कहने के बावजूद भी उनकी आंखों में आंखें डाल कर और अपनी इच्छा के बल पर वह उनसे पैसे ले कर चली गई यह कहानी हमें लगन और विश्वास के बारे में बताती है की ना का मतलब हमेशा ना नहीं होता