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लॉकडाउन का झटका, जनता की जेब से ऐसे भरा जाएगा मंडी टैक्स बढ़ाने की तैयारी
June 3, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

 भोपाल। मप्र सरकार को कोरोना लॉकडाउन के चलते लगभग 12 हजार करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए शिवराज सरकार अब आम लोगों की जेब से खजाना भरने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत सरकार ने पेट्रोल पर 2 रुपए और डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त कर लगाने के साथ ही शराब पर टैक्स को लगभग दोगुना करने की तैयारी की है। इसके अलावा मंडी टैक्स, विद्युत उपकर, सिंचाई उपकर भी बढ़ाया जा सकता है। लॉकडाउन के चलते 70 दिनों में सरकार को टैक्स के रूप में मिलने वाली करीब 12 हजार करोड़ की राशि का नुकसान हुआ है। शिवराज सरकार आने के बाद पिछले 2 माह में सरकार को तीन बार में 2 हजार करोड़ का कर्ज लेना पड़ा है। केंद्र सरकार से 13 हजार 776 करोड़ की राशि मिल गई है। इनमें 9 हजार 147 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में मिली है। अब सरकार घाटे की पूर्ति के लिए टैक्स बढ़ाने के विभिन्न प्रयासों में जुटी है। 12 हजार करोड़ का नुकसान प्रतिवर्ष अलग-अलग टैक्स के रूप में लगभग 65 हजार करोड़ की आय होती थी, लेकिन कोरोना के कारण पिछले 2 महीने में 12 हजार करोड़ की आय कम हुई है। इनमें जीएसटी, पेट्रोल‑डीजल, आबकारी, खनिज, परिवहन, सिंचाई, पंजीयन और ऊर्जा आदि से होने वाली आय शामिल है। आय बढ़ाने के उपाय पेट्रोल पर अतिरिक्त चार्ज साढ़े 5 रुपए करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार डीजल पर 18 प्रतिशत वैट, एक प्रतिशत सेस और 2 रुपए अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है। इसे बढ़ाकर 5 रुपए करने का प्रस्ताव है। प्रदेश में मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत है, जिसे 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। केवल मंडी टैक्स से 500 करोड़ की आय संभावित है।