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मामला चोपनापुनर्वास क्षेत्र में वन विभाग के हजारों एकड़ भूमि पर अतिक्रमण
September 17, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

वन विभाग के चिखलपाटी बीट में विगत कई वर्षों से हो रही है अतिक्रमण रोकने की अनोखी पहल

बैतूल (वीरेंद्र झा) आजादी के 73वें वर्ष में भी कुछ सवाल ऐसे हैं, लगता है कि यह कैसी आजादी यह कैसा विकास  हमारे घर का मुखिया परिजनों के प्रति लापरवाह है या तानाशाह जिसके कारण परिजनों को अपने ही घर में चोरी करना पड़ रहा है। मुखिया के भय नहीं होने के कारण घर की रक्षा के लिए रखे गए चौकीदार केवल अपनी नौकरी बचाने में लग रहे हैं ऐसा ही कुछ देखने और समझने में मिला बैतूल जिले के जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत नूतनडंगा के ग्राम चिखलपाटी से लगे रामपुर भतोडी प्रोजेक्ट वन विभाग के चिखलपाटी बीट में हो रहे है व्यापक स्तर पर अतिक्रमण से समाचार की सत्यता ज्ञात करने के लिए बैतूल जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर पहुंच मार्ग बिहिन चिखलपाटी बीट में हो रहे व्यापक स्तर पर अतिक्रमण स्थल पर पहुंचकर ज्ञात हुआ कि चोपना पुनर्वास क्षेत्र के कोलिया ग्राम के लगभग डेढ़ सौ ग्रामीणों के द्वारा जंगल के झाड़ियों को काटकर लगभग हजारों एकड़ वन विभाग के जमीन पर अतिक्रमण करने की तैयारी देखने को मिला इस संदर्भ में ग्रामीणों से पूछे जाने पर कि शासकीय भूमि पर कब्जा करना क्या उचित है? ग्रामीणों ने कहा कि हमारी मजबूरी है, ग्रामीणों की मजबूरी समझने के लिए क्षेत्र के प्रसिद्ध गायक गोविंद सरकार अन्य ग्रामीणों ने हमें बताया कि छिंदवाड़ा जिला से आकर विगत कई वर्षों से कई लोग दिन प्रतिदिन वन विभाग पर अतिक्रमण कर कब्जा कर रहे हैं वर्तमान समय में लगभग 40 लोग अतिक्रमण करके घर बना कर रहते हुए वन भूमि सैकड़ों एकड़ पर खेती कर रहे हैं परंतु शासन और प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण उनका मनोबल बढ़ चुका है आए दिन इनकी संख्या बढ़ रही है इससे क्षेत्र की स्थानीय जनता के मन में भय है कि यदि इसी प्रकार का अतिक्रमण छिंदवाड़ा जिले से आकर लोग करेंगे तो आने वाले समय में जंगल का सफाया हो जाएगा साथी हम लोगों को जानवरों के निस्तार के लिए भी कुछ नहीं बचेगा इसी भय के कारण क्षेत्र की जनता ने सोचा कि यदि आप उनके अतिक्रमण को नहीं रोक सकते तो हमें भी अतिक्रमण करने दिया जाए यह हम लोगों के द्वारा अतिक्रमण करना एक सांकेतिक पहल है। अर्थात पूर्व में किए गए सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर कब्जा धारी को हटाया जाए नहीं तो हमें वन भूमि पर कब्जा करने दिया जाए विगत 5-6 वर्ष पूर्व से अब तक लगभग 40 परिवार छिंदवाड़ा जिले के जनपद पंचायत जुन्नारदेव से आए हुए ग्रामीणों से अतिक्रमण करने के पीछे कारण समझने की कोशिश की गई तो अतिक्रमणकारी जनों ने बताया कि हम लोग रोजी-रोटी के मजबूरी में नूतनडगा ग्राम पंचायत के मड़काढाना ग्राम विगत कई वर्षों पूर्व कुछ लोग आए बाद में और कई लोग आते गए इन लोगों ने बताया कि आजादी के बाद भी हम लोगों को उचित सुविधा अभी तक नहीं मिली रोजगार का कोई साधन नहीं होने से, परिवार चलाने लायक जमीन नहीं होने से हम लोग परिवार के रहकर दूर कर्नाटका भोपाल दिल्ली आदि ऐसे बड़े शहर में रोजगार के लिए भटकते आ रहे थे इसी संदर्भ में मड़काढाना आए

यहां पर आने के बाद हम लोग ने सोचा कि कब तक परिवार छोड़कर दर दर भटकते रहेंगे इसी सोच को लेकर हमने वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया यहां पर भी हमारे पास कब्जे में जमीन है शासन से मिलने वाली कोई भी सुविधाएं हमें प्राप्त नहीं है आने जाने के लिए पगडंडी है बच्चों के शिक्षा के लिए न स्कूल है बिना बिजली के बिना हैंडपंप के पानी बिना स्वास्थ्य सुविधा यहां तक कि हमारे बच्चों को आंगनवाड़ी से मिलने वाली सुविधा भी नहीं मिल रही है हमारी स्थिति आसमान से गिरे खजूर के पेड़ पर लटके के समान हैएक अतिक्रमणकारी ने कहा कि हम भी देश के नागरिक है हमें भी जीने का अधिकार है यदि हमें परिवार के भरण-पोषण के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन एवं अन्य सुविधाएं उचित स्थान पर मिले तो हमारे जीने के लिए बेहतर साधन होगा अतिक्रमण करना हमारी मजबूरी है शौक नहींरामपुर भतोड़ी प्रोजेक्ट के वन विभाग के लोगो का अतिक्रमण के संदर्भ में कहना है कि पूर्व के अतिक्रमण कैसे हुआ ये तो पूर्व के अधिकारि ही बता सकते हैं यह बताकर पूर्ण जानकारी देना अपनी मजबूरी बताया । साथी अपनी दर्द व्याख्यान करते हुए बताया कि 35000 हेक्टर वन विभाग की इस बीट में 6 बीट गार्ड के स्थान पर केवल एक बीट गार्ड तैनात है वह भी बिना शास्त्र के बिना आधुनिक सुविधा के ऐसे में जंगल की रक्षा करना बहुत मुश्किल जोखिम भरा काम हो गया है फिर भी हम लोग कार्य कर रहे हैं चिखलपाटी बीट के रेंजर श्री ठाकुर ने कहा कि हमने हो रहे नवीन अतिक्रमण की सर्वे कर संपूर्ण जानकारी उच्च अधिकारी को अवगत करा चुके हैं उनके मार्गदर्शन के बाद जो भी आदेश मिलेगा उस हिसाब से आगामी कार्यवाही होगा ।