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पीएम नरेंद्र मोदी गरीब, मजदूर, किसान और श्रमिकों पर बोल-, हमार-गरीब भाई बहनों की संघर्ष शक्ति, उनकी संयम शक्ति का भी दर्शन किया है.'
May 13, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • देश / विदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न-कोरोना लॉकडाउन क दौरान राष्ट्र क नाम अपन-पांचवें संबोधन में बीस लाख करोड़ रुपए क आर्थिक पैकन पैकज और लॉकडाउन को आग-बढ़ानकी घोषणा की. इसक अलावा ग़रीबों, श्रमिकों, पलायन करत-मज़दूरों जैस-मुद्दो पर उन्होंन-क्या कहा आइए जानत-हैं

ग़रीब प्रधानमंत्री मोदी न-करीब ढाई हज़ार शब्द क अपन-इस भाषण में तीन जगह गरीबों का ज़िक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी न-गरीबों की संघर्षशक्ति का ज़िक्र करत-हुए कहा, 'य-संकट इतना बड़ा है कि बड़ी स-बड़ी व्यवस्थाएं हिल गई हैं, लकिन इन ही परिस्थितियों में हमन दश न हमार-गरीब भाई बहनों की संघर्ष शक्ति, उनकी संयम शक्ति का भी दर्शन किया है.'

मज़दूर प्रधानमंत्री मोदी न-पूर-भाषण में मज़दूर शब्द का जिक्र सिर्फ एक ही बार किया जब उन्होंन-आर्थिक पैकन की घोषणा की. किसान मोदी न-चार बार किसानों का जिक्र किया. आर्थिक पैकन की घोषणा करत-हुए उन्होंन-कहा, 'य-आर्थिक पैकन, दश क उस श्रमिक क लिए है, दश क उस किसान क लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में, दशवासियों क लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है.'

अर्थव्यवस्था पूर-भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न-अर्थव्यवस्था शब्द का सिर्फ एक बार इस्तमाल किया. मोदी न-अपन भाषण में कहा कि आत्मनिर्भर भारत की इमारत पांच स्तंभों पर खड़ी होगी.

पलायन प्रधानमंत्री मोदी न-अपन-पूर-भाषण में पलायन शब्द का इस्तमाल नहीं किया. हालांकि भाषण क अंत में उन्होंन-भारतीयों को हो रही परशानियों का जिक्र करत-हुए कहा, य-संकट इतना बड़ा है कि बड़ी स-बड़ी व्यवस्थाएं हिल गई हैं, लकिन इन ही परिस्थितियों मैं हमन दश न-हमार-गरीब भाई बहनों की संघर्ष शक्ति, उनकी संयमशक्ति का भी दर्शन किया है.

उद्योग-धंधप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न-बीस लाख करोड़ रुपए क आर्थिक पैकन की घोषणा करतहुए कहा, य-आर्थिक पैकन भारत क उद्योग जगत क लिए हैं जो भारत क आर्थिक सामर्थ्य को बुलंदी दनक लिए संकल्पित है. य-आर्थिक पैकन हमार-कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमार लघु-मंझोल-उद्योग, हमार-एमएसएमई क लिए हैं, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत क क हमार-संकल्प का मज़बूत आधार है.'

असंगठित क्षत्र क श्रमिक प्रधानमंत्री मोदी न-आर्थिक पैकन की घोषणा करतहुए असंगठित क्षत्र क मजदूरों का जिक्र किया. उन्होंन कहा, 'संगठित क्षत्र स-हों या असंगठित क्षत्र सहर तबक क लिए आर्थिक पैकन में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा.'कोरोना वारियर्स प्रधानमंत्री मोदी न इस बार अपन भाषण में कोरोना वारियर्स का एक भी जगह नाम नहीं लिया. उन्होंन-इस बार डॉक्टरों, नसौं या कोरोना क खिलाफ़ लड़ाई में फ्रंटलाइन पर खड़ लोगों का ज़िक्र नहीं किया.

लॉकडाउन प्रधानमंत्री मोदी न-पूर-भाषण में तीन बार लॉकडाउन शब्द का इस्तमाल किया. लॉकडाउन-4 की घोषणा करत हुए उन्होंन कहा, लॉकडाउन का चौथा चरण, लॉकडाउन-4 पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा. नए नियमों वाला होगा. राज्यों स-हमें जो सुझाव मिल रह हैं उनक आधार पर लॉकडाउन-4स जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई स-पहल दी जाएगी.'

अस्पताल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न-पूर-भाषण में एक भी बार अस्पताल शब्द का इस्तमाल नहीं किया. स्वास्थ्य सबाओं क बार में उन्होंनकोई बात नहीं की. उन्होंन-इलाज शब्द का इस्तमाल भी नहीं किया. हालांकि विदों को भजी गई दवाओं का ज़िक्र करत-हुए उन्होंन-कहा, 'जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लकर पहुंचती हैं. आज विश्व में आत्म निर्भर शब्द क मायन-पूरी तरह बदल गए हैं. ग्लोबल वर्ल्ड में आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल रही है. अर्थ केंद्रित वैश्वीकरण बनाम मानव केंद्रित वैश्वीकरण की चर्चा आज जोरों पर है. विश्व क सामन-भारत का मूलभूत चिंतन आज आशा की किरण नज़र आता है.

भारत की आत्मनिर्भरता में संसार क सुख, सहयोग और शांति की चिंता होती है. जो संस्कृति जय जगत में विश्वास रखती हो, जो जीव मात्र का कल्याण चाहती हो, जो पूर-विश्व को परिवार मानती हो, जो अपनी आस्था में मातृ भूमिः पुतौ अहम पृथ्वीः इसकी सोच रखती हो, जो पृथ्वी को मा मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि जब आत्मनिर्भर बनती है तब उसस-एक सुखी समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है. बीस लाख करोड़ रुपए का य-पैकज, दो हज़ार बीस में, दश की विकास यात्रा को, ट्वेंटी लैक्स, ट्वेंटी ट्वेंटी में, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति दमा. आत्मनिर्भर भारत क संकल्प को सिद्ध करन-क लिए इस पैकन में लैंड, लबर, लिक्विडिटी और लॉज़ सभी पर बल दिया गया है.

य-रिफॉर्स बिज़नस को प्रोत्साहित करेंग-नियम को आकर्षित करेंग-और मक इन इंडिया क हमार-संकल्प को सशक्त करेंग: साथियों, आत्मनिर्भरता, आत्मबल और आत्मविश्वास स-ही संभव है. आत्मनिर्भरता ग्लबोल सप्लाई चन में कड़ी स्पर्धा क लिए भी दश को तैयार करती है और आज य-समय की मांग है कि भारत हर स्पर्धा में जीत: ग्लोबल सप्लाई चन में बड़ी भूमिका निभाए. आत्मनिर्भर भारत का य-युग हम भारतवासी क लिए नूतन प्रण भी होगा, नूतन पर्व भी होगा. अब एक नई प्राणशक्ति, नई संकल्पशक्ति उस-लकर क हमें आग-बढ़ना है. जब आचार-विचार कर्तव्य भाव स-सराबोर हो, कर्मठता की पराकाष्ठा हो, कौशल्य की पूंजी हो तो आत्मनिर्भर भारत बनन-स-कौन रोक सकता है. हम भारत को आत्मनिर्भर भारत बना सकत हैं, हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाकर रहेंग- इस संकल्प क साथ, इस विश्वास क साथ मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं दला हूं. आप अपन-स्वास्थ्य का, अपन-परिवार, अपन-करीबियों का ज़रूर ध्यान रखिए.