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प्रदेश के कई हिस्सों से सोयाबीन की फसल बर्बाद होने की खबर आने के बाद भी शिवराज सरकार व जिम्मेदार मौन
August 28, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

किसानो की सुध नहीं ली जा रही कोई सर्वे राहत नहीं प्रदेश में फिर आयी किसान विरोधी सरकार: कमलनाथ

भो, ल

प्रदेश के ,र्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अ, ने एक बयान में आरो, लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से सोयाबीन की फसल बर्बाद होने की खबरें रोज सामने आने के बावजूद भी शिवराज सरकार व जिम्मेदार मौन हैए किसानों की कोई सुध नहीं ली जा रही हैए किसान सर्वे व राहत की माँग कर रहे हैए सड़कों , र उतरकर प्रदर्शन कर रहे है लेकिन उन्हें राहत प्रदान करने के लिये कोई कदम नहीं उठाये जा रहे है

प्रदेश में एक बार फिर किसान विरोधी सरकार आ गयी है। किसान , रेशान है लेकिन सरकार उ, चुनाव की तैयारियों में लगी हुई है। प्रदेश का किसान दोहरी मार झेल रहा है

नाथ ने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों से किसानो की सोयाबीन की फसल खराब होने की खबरें रोज सामने आ रही है। कही अतिवर्षा के कारणए कही व्हाइट फ्लाईए कही स्टेम फ्लाईए कही येलो मोजेक वाइरस की च, ट में सोयाबीन की फसल आ चुकी है। अधिकांश जगह सोयाबीन के , ते ,ले , ढ़ने से लेकर , धेि सूखने व अफलन की निरंतर शिकायतें सामने आ रही है। प्रदेश के लाखों किसानो के सर , र फसल खराबी की इस नुकसानी का संकट भी आ , डा है। सरकार ने किसानो को राहत प्रदान करने के लिये अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये है।

किसान सरकार की ओर उम्मीद भारी निगाहो से देख रहा हैए वो सर्वे व राहत की माँग कर रहा है लेकिन जिम्मेदार मौन हैए सिर्फ जुबानी घोषणाओं से ही राहत की बात की जा रही है। कोरोना महामारी में किसान , हले से ही , रेशान हैए नुकसानी की मार निरंतर झेल रहा हैए वही शिवराज सरकार में यूरिया की कमीए कालाबाजारी व मिलावटखोरी से भी , रेशान है। अत्यधिक वर्षा से प्रदेश के कई हिस्सों में आयी बाढ़ से भी उसकी फसल , र संकट आ , डा है। अब सोयाबीन की फसल के भी खराब होने से उसे भारी नुकसान व संकटो का सामना करना , ड़ेगाखुद को किसान ,त्र बताने वालेए अ, नी सरकार में किसान भाइयों की इस संकट में सुध तक नहीं ले रहे है। किसानो को कोई राहत प्रदान नहीं कर रहे है। किसान , रेशान हैए कर्ज के बोझ तले निरंतर दबता जा रहा है

मैं सरकार से माँग करता हूँ कि इस संकट को देखते हुए किसान भाइयों को राहत प्रदान करने के लिये सरकार तत्काल ठोस कदम उठाये