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प्रदेश में मिल रहा 17 लाख से अधिक श्रमिकों को मनरेगा से रोजगार,
May 14, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

 भोपाल  : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना नियंत्रण के लिये दीर्घ अवधि और अल- अवधि की योजनाओं र कार्य किया जायेगा। लॉकडाउन की अवधि में राज्य में आर्थिक गतिविधियाँ हों, र्याप्त सावधानी भी बरती जाये, श्रमिकों को रोजगार भी मिले इसका रा ध्यान रखा जायेगा। वर्तमान में प्रदेश में मनरेगा कार्यो से 17 लाख से अधिक मजदूरों को काम मिला है और उनके लिये रोजी-रोटी की ख्ता व्यवस्था हुई है। गत वर्ष करीब 11 लाख श्रमिकों को ही कार्य मिला था इस तरह कोरोना संकट के समय 6 लाख से अधिक जरूरतमंदों को कार्यों से जोड़ा गया है। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में निरंतर प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय से वीडियो काँफ्रेंसिंग द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मीडिया से प्राप्त सुझाव महत्व-र्ण हैं, जो कोरोना नियंत्रण में 3-योगी सिद्ध होंगेमुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का आधार स्तम्भ है। इस नाते सदैव से अलग स्थान मीडिया का रहा है। जब कोई ऐसी चुनौती देश प्रदेश, आम जनता के सामने हो उससे नि-टने में मीडिया के सुझाव हमेशा सहयोगी साबित होते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस र नियंत्रण प्रभावी तरीके से हो रहा है। प्रदेश में रिकवरी रेट बढ़ रहा है जो बढ़कर 48 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में एग्रेसिव सेम-लिंग शुरू की गई है। कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन एक मात्र तरीका है। प्रधानमंत्री जी ने तीन बार लॉकडाउन घोषित कियामुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निश्चित ही इस दौर में मीडिया की भूमिका के लिये विशेष रू- से आभार मानता हूँ, क्योंकि मीडिया ने जनता को जागरूक किया और इसे अना सामाजिक दायित्व माना। अब लॉकडाउन-4 के संबंध में बात हो रही है। यह प्रधानमंत्री जी ने राज्यों -र छोड़ा है। इसलिये मुझे लगा कि मीडिया के मित्रों मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि राज्य में 3-चार के बेहतर प्रबंध किये गये हैं। प्रदेश में बेड संख्या निरंतर बढ़ी है। शीघ्र ही एक लाख तक बेड तैयार हो जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह वास्तविकता है कि कोरोना र पूर्ण अंकुश के लिये कोई वेक्सीन नहीं बनी है इसलिये कोरोना के साथ जीना सीखना होगा। समाज को जागरूक करना होगा। जन-जागरण के लिये आ-का सहयोग आवश्यक है। प्रवासी मजदर लौट रहे हैं। दसरे प्रदेशों है। प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं। दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों के लिये भी मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखा गया है। समाज में निराशा के भाव न आयेंप्रारंभ में डेथ रेट ज्यादा थीअब हमारी रिकवरी रेट ज्यादा है। इलाज समय र होगा तो मरीज ठीक हो जायेगा। समाज का उत्साह व आत्मविश्वास बना रहे। ये भाव मीडिया पैदा कर सकता है। क्राइसिस मेनेजमेंट ग्रु बने हैं। राजनेताओं से और समाज के प्रमुख लोगों से भी चर्चा की है। इसी क्रम में मीडिया के सुझाव भी ठीक दिशा में ले जाने में सहयोगी होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मीडिया के सभी साथियों को हृदय से धन्यवाद देते हुये कहा कि आसभी ने कोरोना और लॉकडाउन र जो सुझाव दिये हैं, उसके अनुरू- आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी।

मीडिया प्रतिनिधियों से प्राप्त प्रमुख सुझाव श्री गिरिजा शंकर - कोरोना के साथ जीने की आदत सभी को डालनी है। ग्रीन जोन में सामान्य जनजीवन बहाल होना चाहिए। लिस बल द्वारा ऐसे क्षेत्रों में अत्याधिक चेकिंग न हो। श्री विजय चौधरी-डॉक्टरों के दवाखाने खुलें। स्कूल, कॉलेज और धर्म स्थल अभी नहीं खुलना चाहिए। अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों का विशेष ध्यान रखा जायेइसके लिये निर्देश दिये जायें, जिससे किरायदारों को असुविधा न हो। निजी अस्तालों में 3 चार महंगा नहीं होना चाहिए। श्री सत्यविजय सिंह- अगला लॉकडाउन मिलाजुला होना चाहिए। बड़े मार्केट बिल्कुल नहीं खुलना चाहिए। श्रमिक भी काम के लिए बाहर न जायें। स्क्रीनिंग की व्यवस्था बेहतर हो। श्री मकरंद काले - श्रमिकों के लिए ट्रांजिट स्थल र फूड केट और सत्तू जैसा औष्टिक आहार दिया जाये। स्वैच्छिक संगठन श्रमिकों को जूते-चप्-ल भी उलब्ध करवा सकते हैं। श्री राकेश अग्निहोत्री - दूरदर्शी उ-य के रू- में अगले 20-30 साल के लिये रोजगार नीति और स्वास्थ्य नीति का निर्माण हो। नया मध्यप्रदेश गढ़ा जाये। ग्राम 'चायतों को श्रमिकों की भोजन व्यवस्था के लिए अलग बजट दिया जायेश्री कज श्रीवास्तव- जो लिस जवान डयूटी कर थक गये हैं, उनके स्थान र अन्य स्टाफ लगाया जाये। सरकार को कोरोना नियंत्रण के लिए रेड जोन में निरंतर सख्ती बरतनी होगीसर्वे की दिक्कतें भी दूर की जायें