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प्यार_की_सीमा_नहीं वो उससे भीख मांगने आती थी, वो उसे खाना देता... खाना बांटते-बांटते प्यार हुआ और उसने शादी कर ली...
May 25, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • सम्पादकीय

(राकेश शौण्डिक- राँची/झारखंड)#प्यार_की_सीमा_नहीं वो उससे भीख मांगने आती थी, वो उसे खाना देता... खाना बांटते-बांटते प्यार हुआ और उसने शादी कर ली... कहते हैं सच्चा प्यार कोई बंधन, कोई बेड़ी नहीं देखता. न वो जात-पात देखता है, न ऊंच-नीच. ऐसा ही निश्छल प्रेम एक व्यक्ति को हुआ उसके पास भीख मांगने आई एक महिला से. ये ख़बर है यूपी के कानपुर की, जहां एक व्यक्ति को कोरोना से ग्रस्त हो कर भीख मांगने आई एक महिला से प्यार हो गया. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,कोरोना महामारी के बीच कानपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर लालता प्रसाद की मुलाकात नीलम से हुई तो उन्होंने अपने ड्राइवर अनिल से कहा कि रोज नीलम समेत दूसरे गरीबों तक खाना पहुंचाएं. अनिल जब दिन में खाना बांटकर आता था तो नीलम की चर्चा प्रॉपर्टी डीलर से करता था. इस पर वह (लालता ) उसकी भावनाएं समझ गए उन्होंने उससे समझाया कि दिन में खाना तो तुम उसे दे आते हो रात में क्या खाएगी. इसके बाद अनिल रात में खुद खाना बनाकर कई दिनों तक नीलम को देने जाने लगा. इसके बाद लालता प्रसाद ने अनिल के पिता को शादी के लिए राजी किया और वरमाला की मंजिल तक दोनों को पहुंचा दिया. बुधवार को भगवान बुद्ध के आश्रम में नीलम की बेजान दुनिया आबाद हो गई. इस शादी में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कई सामजिक लोगों ने शामिल होकर वर-वधु को आशीर्वाद दिया. इनकी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि नीलम के पिता नहीं हैं और मां को पैरलिसिस है. उसके भाई-भाभी ने उसे घर से निकाल दिया. खाने और गुज़ारा चलाने के लिए वो फुटपाथ पर बाकी भिखारियों के साथ बैठती थी. इनके प्यार की कहानी सही में ख़ूबसूरत है. हम आशा करते हैं कि इन दोनों की बाकी ज़िन्दगी खुशहाली में कटे.