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सहमत है स्वदेशी चीजो को अपनाना हमारा कर्तव्य भी है । पर हाईसोसाईटी के पढे लिखे लोगो का स्टेंडर्ड गिरता है उन्हे मतलब नही है देश स्वदेश से न रूपये डॉलर से ये स्वदेशी सामान की मुहिम वर्षो से चल है । - गोविंद पटेल
May 16, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • सम्पादकीय

सहमत है स्वदेशी चीजो को अपनाना हमारा कर्तव्य भी है । पर हाईसोसाईटी के पढे लिखे लोगो का स्टेंडर्ड गिरता है उन्हे मतलब नही है देश स्वदेश से न रूपये डॉलर से ये स्वदेशी सामान की मुहिम वर्षो से चल है । सरकारे खुद व्यापार संधी contact बनाती है माल के बदले माल । नकली के नगदी कम पढ़े-लिखे नौजवान भाई-बहन देश वासी यो की भावनाओ से खेलते है मोदी सरकार ने खुद जनता से आह्वान किया दिवाली पर सिरीज लाईट चाईना की नही खरीदना मान लिया पर चाईना खुद तो आया नही था अपना विदेशी माल ले कर यहा के भारतीय ही गये होंगे न पैसे भी दिये होगे माल भी भरपूर आया ।  नरेंद्र मोदी जी ने खुद चीन को करोड़ रूपये का कांट्रेक्ट दिया चीन को सरदार बल्लभ भाई पटेल की मुर्ति बनाने का । और जनता से कहते है स्वदेशी सामना खरीदो । सरकार खुद व्यापार नीति बदले न विदेशी समान आयेगा न जनता खरीदेगी । बोला फेकुचंद ने लगे झुनझुना बजाने । अब चलाओ मुहिम रद्द करने की  सरकार खुद रद्द करे विदेशी व्यापार नीति  । बहिष्कार करो ऐसी सरकारो का भी जो दुसरी बाते करते है ।