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शिवराज सरकार लूट रही है हजारों के बिल! कह रही है कोरोना में भी बिल भरोना
August 19, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्नसिंह तोमर जवाब देंए क्यों जा रही है आपके जिलें में घंटो बिजली कमलनाथ सरकार ने प्रदेश में सस्ती बिजली का वचन निभायाए100 रूपये में 100 यूनिट बिजली दी.

ग्वालियर

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारीए ग्वालियर-चम्बल संभाग के.के मिश्रा ने आज यहां पत्रकार वार्ता में शिवराज सरकार पर प्रदेश में जारी बिजली कटौती और उपभोक्ताओं को मिल रहे हजारों के बिजली बिल पर आडे हाथों लेते हुये कहा कि आमए गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को औसतन 2000 से 20ए000 रू० प्रतिमाह के बिल थमाये जा रहे हैए जबकि जबकि उतनी खपत उसके परिवार में नहीं है! उन्होंने शिवराज सरकार पर पर सीधा आरोप लगाते हुये कहा कि लाकडाउन के दौरान बंद रहे उद्योग-धंधो में हुई बिजली की खपत कम होने के कारण जो राजस्व हानि हुई हैए सरकार उसकी भरपाई घरेलू उपभोक्ताओं से अवैध रूप से वसूल कर रही है! लगता हैए कोरोना महामारी में भी शिवराज सरकार कोरोना में भी बिल भरोना के नारे के अनुरूप जबरिया वसूली का अभियान जारी किया हुये है मिश्रा ने ग्वालियर का प्रतिनिधित्व कर रहे बिना विधायक बने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य कर रहे श्री प्रद्युम्नसिंह तोमर को भी घेरते हुये उनसे जबाब मांगा है कि समूचे प्रदेश के साथ आपके गृह जिले में भी घंटों बिजली प्रदाय क्यों नही हो रही है।

                                  __ मिश्रा ने कहा कि सस्ती और निर्बाध बिजली प्रदेशवासियों और विशेषकर ऊर्जा मंत्री जीए आपके अपने जिले ग्वालियर में में क्या मिल रही हैयह प्रश्न आप से इसलिए किया जा है क्योंकि आपके आपके विभाग ने 6 अगस्तए 2020 को जारी किए विज्ञापन में लिखा था कि कि “हमारा संकल्प सस्ती और निर्बाध बिजली है। निर्बाध का मतलब तो आप जानते ही होंगे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के फोटो वाले इस विज्ञापन में यह वादा भी किया गया था कि प्रदेश की आबादी को 24 घण्टे बिजली दी जाएगी। इसी विज्ञापन में बताया गया था कि प्रदेश में 21 232 मेगावॉट बिजली उपलब्ध है। मूल सवाल यह है कि अगर बिजली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तो यह प्रदेशवासियों को मिल क्यों नहीं रही हैएउन्हें प्रतिदिन 5.5 घण्टे की कटौती का कष्ट क्यों दिया जा रहा है ऊर्जा मंत्री के अपने जिले में कोई दिन ऐसा नहीं जाताए जब दिन में या रात में या कई बार दोनों वक्त बिजली गुल रहती है। इधर दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय प्रसारकों ने भी बार-बार बिजली गुल रहने की से ऊर्जा के अन्य साधनों का उपयोग करके अपनी सेवाएं जारी रखी हैं। उन्होंने कहा कि घण्टों बिजली कटौती के लिए बार-बार श्मेंटिनेंसर का झूठा बहाना किया जाता है। अगर 15 जून तक मेंटिनेंस पूरा कर लेने की की बात बिजली विभाग ने कही थी तो आज दो महीने बाद क्यों मेंटिनेंस मेंटिनेंस जारी है : देर रात को मेंटिनेंस कब से होने लगा : इधर ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं के साथ एक और अनुचित कदम उठाया हैएजो बेहद गंभीर हैएजिसकी और सबका ध्यान जाना चाहिए।जो उपभोक्ता बिजली जाने की ज्यादा शिकायत करते हैं उनके फोन नम्बर ऊर्जा विभाग विभाग ने ब्लॉक करने शुरू कर दिए है। बिजली काटकर ग्वालियर जिले को अँधेरे में रखने का मतलब एक ही निकलता हैएसरकार इन्वर्टर और जनरेटर की बिक्री बढ़वाने में दिलचस्पी रखती है। ऊर्जा मंत्री को इसका भी जवाब देना चाहिए कि ग्वालियर के उपभोक्ताओं से उनके विभाग ने तीन गुना अधिक सुरक्षा निधि सरकार की किस श्लूट योजना के तहत ली ली है उनको इसका भी जवाब देना चाहिए कि

                                                                    ग्वालियर के उपभोक्ताओं की 55 करोड़ रुपए की सुरक्षा निधि अब तक वापिस क्यों नहीं की गई है उक्त रकम ब्याज सहित उपभोक्ताओं को लौटाई जानी चाहिए

                                                                            बिजली कटौती के कुछ

उदाहरण:

1. 23 जुलाई: सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4.30 बजे तक साढ़े सात घण्टे की कटौती प्रभावित इलाके: गांधी नगरएकांति नगरएगायत्री नगरएकुशल नगरएपार्क होटल खेड़ापति रोड़ फूलबाग प्रेमनगर द्वारिकापुरी तुलसी विहार मरीमाता ख्वाजा खानून दरगाह क्षेत्र )

2. 31 जुलाई: सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक 5 घण्टे की बिजली कटौती

प्रभावित इलाके: दीनदयाल नगर आदित्यपुरम बीएसएफ कॉलोनी) 3.4 अगस्त: शहर के बड़े हिस्से में कई घण्टे बिजली कटौती

प्रभावित इलाके: बाराघाट शिंदे की छावनी रोशनी घर सिटी सेंटर दीनदयाल दीनदयाल नगर लधेड़ी फूलबाग मुरार)

4.7 अगस्त: एक फिर ग्वालियर के बड़े हिस्से में बिजली नहीं रही

अ). सुबह 9 बजे से 12 बजे 3 घण्टे (प्रभावित इलाके: राय सिंह का बागए माधोगंज बापू दंडी की गोठ कमाठीपुराएचिटनीस की गोठए रॉक्सी पुल)

ब). सुबह 10 बजे से 12 बजे तक 2 घण्टे (प्रभावित इलाके: आनंद नगर नगर हड्डी मिल)

स). सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक 4 घण्टे प्रभावित इलाके: सुरेश नगर विवेक नगर गोदाम बस्ती पोस्ट एंड टेलीफोन कॉलोनी श्रुति विहार रोहित नगर संजय नगरएन्यू जीवाजी नगरएइंद्रमणि नगर)

द). दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक (प्रभावित इलाके: सागर ताल रोड़)

5.8 अगस्त: (अ).सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक 4 घण्टे बिजली कटौती (प्रभावित इलाके रामाजी का पुराए एबी रोड़ए निम्बा जी की खोहएशिवनगरएघोसीपुराए कटी घाटीएगिर्राज मंदिरए जनकतालए जाघव कोठीए इस्लामपुराए सुभाष नगरए पंचवटी कॉलोनीए हनुमान चैराहाए जीवाजी गंजए टोपे वाला मोहल्लाएदीनदयाल नगर सेक्टर बी)

ब). सुबह 10 बजे से 2 बजे तक 5 घण्टे कटौती(प्रभावित इलाके: दूरदर्शन कॉलोनीएएलएनआईपीईएकृषि कॉलोनीएसिद्धेश्वर नगरएअशोक कॉलोनीए काल्पी ब्रिजएआदर्श नगरगोला का मंदिर प्रगति विहार)

स). सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 2 घण्टे कटौती (प्रभावित इलाके: गणेश कॉलोनीएआजाद नगरएखुला सन्तरए नया सन्तरएनदी सन्तर)

6.9 अगस्त

अ). सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक कटौती (प्रभावित इलाका:इंड्रस्ट्रीयल क्षेत्र)

ब). सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक 5 घण्टे बिजली की कटौती (प्रभावित इलाके: धोकलपुराएपंचमुखी नगरएन्यू शारदा विहारएतिरुपति नगरएसांई विहार)

7. 12 अगस्त

अ) कटौती ढाई घण्टा (प्रभावित इलाका: दीनदयाल नगर)

ब) कटौती 1 घण्टा (प्रभावित इलाका: सारिका नगर)

स). 13 अगस्त: कटौती सुबह 9 बजे से 4 घण्टा (प्रभावित इलाके: एजी ऑफिसए हरीशंकरपुरमए श्रीराम कॉलोनी)

मिश्रा ने कहा कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने अपने चुनावी वचन-पत्र में में की गई घोषणा के अनुरूप उपभोक्ताओं के लिये सस्ती बिजली का वचन निभाया इन्दिरा गृह-ज्योति योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 100 रू० में 100 यूनिट घरेलू बिजली प्रदान की गई जिससे 101 7 करोड घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 1.01 करोड उपभोक्ता लाभान्वित हुये। किसान ज्योति योजना के तहत 10 होर्सपावर तक के कृषि पंपो के लिये लिये आधी दर पर बिजली उपलब्ध कराई गईजिससे 25 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुयेए घरेलू उपभोक्ताओं व लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को 24 घंटे निर्वाध बिजली की आपूर्ति की गईए बिजली शिकायतों के निराकरण हेतु 1912 काल सेन्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराई गई यहीं नहीं सरकार के गठन के बाद से विद्युत कंपनियों में नियुक्तियों के द्वार भी खोले गये।

मिश्रा ने कहा कि शिवराज सरकार स्पष्ट करे कि एक जबरिया काबिज सरकार को घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से जबरिया बिजली वसूली का अधिकार किसने दिया है इस अवैध लूट के पीछे उसकी मंशा किसे लाभ लाभ पहुंचाने की हैस्वर्णिम और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश क्या मुख्यमंत्री अपने इसी सपने को साकार कर पूरा करना चाहते है