ALL देश / विदेश सम्पादकीय लेख /आलेख अध्यात्म मध्यप्रदेश राजधानी - भोपाल खेल / विज्ञानं एवं टेक्नोलॉजी मनोरंजन / व्यापार रोजगार के पल शाषकीया विज्ञापन रोजगार के पल क्लासिफाइड विज्ञापन
शिवराज सिंह चौहान से मेरे कुछ सवाल - दिनेश साहू प्रवक्ता म.प्र. कांग्रेस कमेटी
June 20, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • मध्यप्रदेश

क्या कोरोना संक्रमित विधायक को बगैर पीपीई किट के विधानसभा मे लाकर बीजेपी ने सभी 205 विधायको और प्रदेश प्रदेश की जनता को संक्रमण के खतरे में नही डाल दिया?

भोपाल - बीजेपी विधायक ओमप्रकाश सकलेचा कोरोना पॉजिटिव पाये गये मेरा मुख्यमंत्री जी से एक सवाल है क्या कोरोना संक्रमित विधायक को बगैर पीपीई किट के विधानसभा मे लाकर बीजेपी बीजेपी ने सभी 205 विधायको और प्रदेश की जनता को संक्रमण के खतरे में नही डाल दिया? ऐसा क्यों किया गया ? क्या इसलिये कि बीजेपी का एक वोट कम हो जाता ऐसा भी तो हो सकता था कि जब सकलेचा जी कि इंट्री से पूर्व जॉच कि गई थी तब संदेह कि स्थिति में सकलेचा जी को थोड़ी देर रोककर पीपीई किट मंगवाकर उन्हें पहनाकर फिर अन्दर वोट डालने के लिये प्रवेश दिया जाता अगर ऐसा होता तो बीजेपी का क्या बिगड़ जाता ?

क्या किसी को नहीं पता था कि सकलेचा कोरोना पाजेटिव थे? चलो ठीक है नहीं पता था, परंतु क्या विधान सभा हॉल में इंट्री करते समय इनकी जाँच नही कि गयी ? अगर जाँच नहीं कि गई तो क्यों नहीं कि गई ? और अगर जाँच कि गई तो फिर उन्हें बिना पीपीई किट के अंदर क्यों जाने दिया ? यदि सकलेचा कोरोना संक्रमित थे या उनमे लक्षण थे तो इसकी जानकारी उन्होंने और बीजेपी ने क्यों छुपाई ? कोरोना पॉजिटिव छुपाने वालों पर केस दर्ज करने वाली सरकार क्या सकलेचा पर केस दर्ज करने की हिम्मत दिखा पाएगी?

माननीय मुख्यमंत्री जी मेरे इतने सवाल आप से है और इन सवालों का जवाब मुझे और प्रदेश की जनता को चाहिये जहां एक ओर कांग्रेस विधायक कुनाल चौधरी के कोरोना पॉजेटिव पाये जाने पर उन्होंने सारे प्रोटोकॉल का पालन किया था और पीपीई कीट पहनकर वोट डालने गये थे वहीं क्या आपके पार्टी के विधायक का यह फर्ज नहीं था कि वे भी प्रोटोकॉल के नियमों का पालन करें मुख्यमंत्री जी मुझे एक बात आज तक समझ नहीं आई कि कोरोना काल में क्यों आम जनता और दुसरे विपक्षी पार्टी के लिये नियम अलग होते हैं और आपके पार्टी के लिये और आपके जनप्रतिनिधि के लिये कोरोना के नियम अलग होते है? मुख्यमंत्री जी सकलेचा जी को लेकर सारी जिम्मेदारी किसकी थी? कि वो कोरोना के प्रोटोकॉल के नियम का पालन करें आप प्रदेश के जिम्मेदार मुख्यमंत्री हैं इसलिये सवाल आप से बनता है ?

अगर सकलेचा जी यह कह के अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ भी लें कि मुझे नही पता था कि मै कोरोना पॉजेटिव था तो फिर आप ने और प्रशासन ने और चुनाव आयोग ने सभी विधायकों की स्वाथ्य सुरक्षा और कोरोना के प्रोटोकॉल को लेकर व्यवस्था किया था उसके बारे में आप क्या कहेंगे ? कोरोना काल में जहाँ एक ओर छोटे से छोटे कार्यालय में जब एक आम आदमी प्रवेश करता है तो उसकी जाँच होती है और और थोड़े से संदेह होने पर उसे अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाता है ? तो फिर सकलेचा जी को जाँच के बाद अंदर क्यों और किसने जाने दिया ? ये जवाबदारी किसकी थी? इसके लिये कौन जिम्मेदार है ?

क्या कोरोना संक्रमित विधायक को बगैर पीपीई किट के विधानसभा के अंदर जाने देकर प्रशासन के किस अधिकारी ने सभी 205 विधायको और प्रदेश की जनता को संक्रमण के खतरे में डाल दिया? मुख्यमंत्री जी यह केवल सवाल ही नहीं है बल्कि इस पर कार्यवाही होना चाहिये और ये हिम्मत आप को दिखानी होगी क्योंकि आप प्रदेश के मुख्यिा हो और ये आप की नैतिक जिम्मेदारी है आप को तुरंत जिम्मेदार अधिकारी या जिम्मदार विधायक सकलेचा जी पर जो इस लापरवाही के लिये जिम्मेदार है उस पर कार्यवाही करना चाहिये