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विकास को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच फॉर्मूले
June 3, 2020 • Mr. Dinesh Sahu • देश / विदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सीआईआई (कन्फेडेरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री) के सालाना सेशन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने "विकास को फिर से कैसे पटरी पर लाना है" विषय पर उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियों के सामने सरकार का पक्ष रखा. 1 जून, 2020 से अनलॉक 1 शुरू होने के बाद अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये पहला भाषण था. पढ़िए मोदी ने क्या महत्वपूर्ण बातें कहीं1. कोरोना से हुए नुकसान से उबरेंगे

2. आत्मनिर्भर भारत ही आगे का रास्ता आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में आपके मन में भी मंथन चल रहा होगा. आपके सवाल भी होंगे जो स्वाभाविक है. कोरोना के ख़िलाफ़ अर्थव्यवस्था को फिर मज़बूत करना हमारी सबसे अहम प्राथमिकताओं में से अहम प्राथमिकता है. भारत को तेज़ विकास के पथ पर लाने के लिए और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जो पांच बातें बेहद अहम हैं वो हैं - (1) इन्टेन्ट (2) इन्क्लूज़न (3) इन्वेस्टमेंट (3) इन्फ्रास्ट्रक्चर, और (5) इनोवेशन जो बड़े फैसले लिए गए हैं, उनके साथ तमाम सेक्टर को सरकार ने फ्यूचर रेडी किया है. हमारे लिए आर्थिक सुधार रैंडम फैसले नहीं हैं बल्कि योजनाबद्ध, इंटरकनेक्टेड और फ्यूचरिस्टिक फैसले हैं. आर्थिक सुधार का मतलब हमारे लिए फैसले लेने का साहस करना और उन्हें लॉजिकल कन्क्लूजन तक ले जाना. बैंक मर्जर हो, जीएसटी हो, इनकम टैक्स ऐसेसमेन्ट की व्यवस्था - व्यवस्थाओं में सरकार के दखल को हम जितना हो सके, कम करने की कोशिश कर रहे हैं. कोरोना के खिलाफ इकोनॉमी को फिर से मजबूत करना, हमारी उच्च प्राथमिकता में से एक है। के लिए ईंधन का काम करेगा. आज की ग्लोबल स्थति को देखना और समझना ज़रूरी है. दुनिया के देश पहले की तुलना में एक दूसरे का साथ अधिक चाहते हैं. लेकिन इसके साथ ये चिंता भी चल रही है कि पुरानी सोच, पानी नीतियां क्या आज कारगर होगी. ऐसे समय में भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ी हैं. कोरोना के संकट में किसी देश के लिए दूसरे की मदद करना मुश्किल हो रहा था तब भारत ने 150 से ज़्यादा देशों को मेडिकल सप्लाई बेचकर उनके लिए मानवीय मदद का काम किया है. . पूरे विश्व में भारत के प्रति ट्रस्ट डेवेलप हुआ है इसका फायदा इंडस्ट्रीज़ को उठाना चाहिए. 5. मेड इन इंडिया हो और मेड फॉर द वर्ल्ड सीआईआई की ज़िम्मेदारी है कि मेक इन इंडिया के साथ ट्रस्ट, क्वॉलिटी और कंपीटीटिवनेस तीनों जुड़ा हो. आप एक कदम आगे बढ़ाएंगे तो सरकार चार कदम आपके लिए आगे बढ़ाएगी. मैं प्रधानमंत्री के तौर पर आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं. मैं कहना चाहता हूं कि मैं आपके साथ खड़ा हूं. अब भारतीय इंडस्ट्री के पास आत्मनिर्भर भारत का स्पष्ट रास्ता है. इसका मतलब है कि हम और मज़बूत हो कर दुनिया का स्वागत करें. लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि रणनीतिक तौर पर अहम मामलों में किस पर निर्भर रहें. हम ये स्थिति नहीं चाहते. ये लोगों के लिए रोज़गार बढ़ाने, ये अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए लोगों के सामने लागे और मज़बूत लोकल सप्लाई चेन बनाने में हिस्सादारी करनी है. सीआईआई को पोस्ट-कोरोना नई भूमिका में आगे आना है. डोमेस्टिक इंडस्ट्री की रिकवरी को फेसिलिटेट करना है. नेक्स्ट लेवल ग्रोथ को सपोर्ट कराना है. अपने मार्केट को विश्व में बढ़ाना है. अब ज़रूरत है कि देश में ऐसे प्रोडक्ट बनें जो मेड इन इंडिया हो और मेड फॉर द वर्ल्ड हो. देश का आयात कम करने के लिए और कैसे आयात के लक्ष्य कम करने हैं उस पर हमें विचार करने की ज़रूरत है. हमारी सरकार प्राइवेट सेक्टर को विकास का अहम साथी मानती है. आपसे गुज़ारिश है कि हर सेक्टर की एक स्टडी लेकर आए ताकि हम ढ़ाचागत सुधार करने के लिए मिल कर काम कर सकें.